।। महालक्ष्मी द्वादशनाम स्तोत्र ।।
ईश्वर उवाच
त्रैलोक्य पूजिते
देवि कमले विष्णुवल्लभे।
यथा त्वं सुस्थिरा
कृष्णे तथा भव मयि स्थिरा।।
ईश्वरी कमला
लक्ष्मीश्चला भूतिर्हरिप्रिया।
पद्मा पद्मालया
सम्पद् रमा श्री: पद्मधारिणी।।
द्वादशैतानि नामानि
लक्ष्मीं सम्पूज्य य: पठेत्।
स्थिरा
लक्ष्मीर्भवेत् तस्य पुत्रदारादिभि: सह।।
ॐ आकारलक्ष्म्यै नमः
ॐ अच्युतलक्ष्म्यै नमः
ॐ अन्नलक्ष्म्यै नमः
ॐ अनंतलक्ष्म्यै नमः
ॐ अनुग्रहलक्ष्म्यै नमः
ॐ अमरलक्ष्म्यै नमः
ॐ अमृतलक्ष्म्यै नमः
ॐ अमोघलक्ष्म्यै नमः
ॐ अष्टलक्ष्म्यै नमः
ॐ अक्षरलक्ष्म्यै नमः
ॐ आत्मलक्ष्म्यै नमः
ॐ आदिलक्ष्म्यै नमः
ॐ आनन्दलक्ष्म्यै नमः
ॐ आर्द्रलक्ष्म्यै नमः
ॐ आरोग्यलक्ष्म्यै नमः
ॐ इच्छालक्ष्म्यै नमः
ॐ ईभलक्ष्म्यै नमः
ॐ इंदुलक्ष्म्यै नमः
ॐ इष्टलक्ष्म्यै नमः
ॐ ईडितलक्ष्म्यै नमः
ॐ उकारलक्ष्म्यै नमः
ॐ उत्तमलक्ष्म्यै नमः
ॐ उद्यानलक्ष्म्यै नमः
ॐ उद्योगलक्ष्म्यै नमः
ॐ उमालक्ष्म्यै नमः
ॐ ऊर्जालक्ष्म्यै नमः
ॐ ऋद्धिलक्ष्म्यै नमः
ॐ एकांतलक्ष्म्यै नमः
ॐ ऐश्वर्यलक्ष्म्यै नमः
ॐ ओंकारलक्ष्म्यै नमः
ॐ औदार्यलक्ष्म्यै नमः
ॐ औषधिलक्ष्म्यै नमः
ॐ कनकलक्ष्म्यै नमः
ॐ कलालक्ष्म्यै नमः
ॐ कांतालक्ष्म्यै नमः
ॐ कान्तिलक्ष्म्यै नमः
ॐ कीर्तिलक्ष्म्यै नमः
ॐ कुटुंबलक्ष्म्यै नमः
ॐ कोशललक्ष्म्यै नमः
ॐ कौतुकलक्ष्म्यै नमः
ॐ ख्यातिलक्ष्म्यै नमः
ॐ गजलक्ष्म्यै नमः
ॐ गानलक्ष्म्यै नमः
ॐ गुणलक्ष्म्यै नमः
ॐ ग्रहलक्ष्म्यै नमः
ॐ गोलक्ष्म्यै नमः
ॐ गोत्रलक्ष्म्यै नमः
ॐ गोदालक्ष्म्यै नमः
ॐ गोपलक्ष्म्यै नमः
ॐ गोविन्दलक्ष्म्यै नमः
ॐ चम्पकलक्ष्म्यै नमः
ॐ छंदोंलक्ष्म्यै नमः
ॐ जनकलक्ष्म्यै नमः
ॐ जयलक्ष्म्यै नमः

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