जीवन एक यात्रा है इसलिए इसे जबरदस्ती नहीं जबरदस्त तरीके से तय करें! जिंदगी को आसान नहीं खुद को मजबूत बनाना पड़ता है, सही समय नहीं आता, समय को सही बनाना पड़ता है !
अपनी पसंद को
जानने से बेहतर है की हम अपने आप को जाने ! अगर कोई इन्सान खुद ही खुश नहीं है तो
वो दुसरो को कैसे खुश रख सकता है अपने आप को खुश रखने के लिये अपने आप पे समय
बिताये और अपने आप को समझे, तभी हम एक खुशहाल जिंदगी जी सकते है !
जीवन की
हर हलचल को जिएं
ज़िंदगी एक धड़कन की तरह है—कभी तेज़,
कभी धीमी। हर लम्हा हमें कुछ नया सिखाता है, कुछ नया दिखाता है। लेकिन अक्सर हम या
तो अतीत के पछतावे में फंसे रहते हैं या भविष्य की चिंता में उलझे रहते हैं, और
इसी में हम "आज" को जीना भूल जाते हैं।
1. हर
अनुभव को खुलकर अपनाएँ
जीवन में
सुख और दुख, सफलता और असफलता, मिलना और बिछड़ना—सब कुछ एक पैकेज डील की तरह आता
है। अगर हम केवल खुशियों को चुनना चाहें और दुखों से भागें, तो हम अधूरी ज़िंदगी
जी रहे हैं। इसलिए, हर हलचल को स्वीकारें और पूरी तरह महसूस करें।
2. हर पल
में खुद को खोने दें
कभी बारिश में भीगकर देखें, कभी किसी बच्चे की हंसी में शामिल हों, कभी अकेले बैठकर अपनी ही सोच को महसूस करें। ज़िंदगी छोटे-छोटे पलों में छुपी होती है, उन्हें पूरी तरह जीने की आदत डालें।
3. बदलाव
से डरें नहीं
ज़िंदगी कभी भी स्थिर नहीं रहती। हरदिन नया है, हर मोड़ नया है। अगर हम बदलाव को अपनाने से डरेंगे, तो ज़िंदगी के असली रंग हमें कभी दिखेंगे ही नहीं।
4.
खुशियों को टालना बंद करें
हम अक्सर सोचते हैं—"जब मेरा ये काम पूरा होगा, तब मैं खुश रहूँगा। जब मुझे यह मिलेगा, तब मैं जीवन जिऊँगा।" लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक तरीका है जीने का। जो भी है, जैसा भी है—उसे पूरी तरह महसूस करें।
5. दर्द
को भी महसूस करें
ज़िंदगी में सिर्फ हंसी नहीं, आँसू भी
होते हैं। दर्द से भागने की जगह उसे भी अपनाएँ, क्योंकि वही हमें मजबूत बनाता है,
हमें खुद से जोड़ता है।
अंत
में:
जीवन की हर हलचल को जिएँ—हर हंसी, हर
आंसू, हर धड़कन। क्योंकि यही हलचल हमें ज़िंदा होने का एहसास कराती है।
तो आज से,
अभी से, पूरी तरह जीना शुरू करें!
माता के गर्भ से बाहर आने से
शुरू हुआ सफ़र जो मौत के बाद शमशान में जाकर ख़त्म होता है, ये है जिन्दगी.
एक ऐसा सफ़र है जिन्दगी जिसमें न तो हम अपनी मर्ज़ी से आए हैं, न
अपनी मन मर्ज़ी से जी रहे हैं और न ही अपनी मर्ज़ी से दुनिया छोड़ कर जाएँगे.
1.
समर्पण: जिंदगी का मतलब समर्पण है, अपने काम, संबंध और समय को
समर्पित करना।
2.
सीखना: जिंदगी का मतलब सीखना है, नए अनुभवों से बढ़ना और अपने
गलतियों से सीखना।
3.
संबंध: जिंदगी का मतलब संबंधों का महत्व समझना है, परिवार, मित्र,
और समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करना।
4.
उद्दीपन: जिंदगी का मतलब अपने उद्दीपन और मकसद को खोजना है, और
अपने जीवन को उन्नति की दिशा में आगे बढ़ाना।
5.
संतुष्टि: जिंदगी का मतलब संतुष्टि है, अपने वर्तमान में खुशहाली
और संतुष्टि का अनुभव करना।
अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन को इस तरह से जीता है की वह खुद को
१. ईमानदार बनाये,
२. समयनिष्ठ बनाये,
३. मेहनती बनाये,
४. कर्त्तव्य निष्ठ बनाये,
५. निडर बनाये,
तो प्रत्येक व्यक्ति सफल हो
सकता है और समाज के लिए आदर्श स्थापित कर सकता है। मुझे लगता है की न्यूनतम ये ५
बिंदु को पा लेना ही जीवन की सार्थकता है।
ज़िंदगी का मतलब यह
क़तई नहीं होता है की आप कितने बड़े है या आपकी उम्र कितनी है बल्कि ज़िन्दगी
का मतलब तो यह होता है की आप कितने सेन्सिटिव है, कितने मैनर्ड है और किसी भी बात
को कितनी संजीदगी से रीऐक्ट करने की निपुणता रखते है।
अच्छी, खूशहाल जिंदगी अच्छे विचारों से ही मिल सकती है।
कुछ बाते जिन्हें
अपनाकर आप अपनी ज़िन्दगी को पहले से बेहतर बना सकते है -
·
अपने आपसे प्यार करना सिख लीजिए, बिना किसी शर्त के।
·
अपने उन सभी इमोशंस को तुरंत अपने आप से दूर कर दीजिए जो आपको
कुंठित करते है।
·
अपने आपके साथ कुछ समय बिताना सिख लीजिए।
·
अपनी अंदरूनी ताक़त को पहचानकर, तुरंत अपने आपको और बेहतर बनाने
में जुट जाइए।
·
आप जैसे भी है, आप यूनीक है इसलिए किसी ओर से कंपेयर करना बंद कर
दीजिए।
ज़िंदगी को आज तक कोई नहीं समझ पाया फिर भी बस यही कहूँगा ज़िन्दगी और कुछ भी नहीं … ये तो मौजों की रवानी है।
जीवन का सही अर्थ और लक्ष्य:
·
जीवन दुखी होने के लिए बहुत छोटा है। क्रोध, पछतावा, चिंता, और
शिकायत में अपना समय बर्बाद मत करिये।
·
अपनी खुशी की जिम्मेदारी लें, इसे कभी दूसरे लोगों के हाथों में न
डालें।
·
अपने सपनों का जीवन जियें। दूसरों की अपेक्षाओं और विचारों के बजाय
अपनी दृष्टि और उद्देश्य के अनुसार अपने सपनों का जीवन जीने के लिए पर्याप्त
बहादुरबनें।
·
परिवर्तन ही इस संसार का नियम है, किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं
बल्कि उसे स्वीकार करें। कुछ परिवर्तन आपको सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण
सिखाएंगें।
·
अतीत संदर्भ का स्थान है, निवास का स्थान नहीं; अतीत सीखने का
स्थान है, जीवन जीने का स्थान नहीं है।
·
कभी खुशहाल तो कही उदास होगी, कभी जीत तो कभी हार होगी। यह ज़िन्दगी
एक सड़क की तरह है साहब धीरे धीरे ही पार होगी।
·
अपने दिल में विश्वास रखें कि आप जुनून, उद्देश्य, जादू और चमत्कार
से भरा जीवन जीने के लिए हैं
·
ऐसे काम करें कि हर कोई दुआ दे! दुआओं का कोई रंग नहीं होता लेकिन
जब ये रंग लाती है तो जिन्दगी रंगों से भर जाती है।
·
मुस्कुरायें क्या गम है, जिंदगी में टेंशन किसको कम है, अच्छा या
बुरा तो केवल भ्रम है, जिंदगी का नाम ही… कभी खुशी कभी गम है।
·
जीवन में यही देखना महत्वपूर्ण नहीं कि कौन हमसे आगे है या कौन
पीछे, यह भी देखना चाहिए कि कौन हमारे साथ है और हम किसके साथ….!!!
·
जो आपको मिला है सबसे पहले उसके लिए आभारी रहें। यदि आप आपके पास
पहले से मौजूद चीज़ों के लिए आभारी नहीं हैं, तो क्या आपको लगता है कि आप कभी खुश
रह पाएंगे।
· गलतियां इंसान से ही होती हैं। यदि गलती इंसान से न हो तो क्या वो भगवान न हो जाये। सडक कितनी भी साफ क्यों न हो, लेकिन धूल हो ही जाती है, और इंसान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, भूल हो ही जाती है।
ईसका जवाब एक दिलचस्प कहानी से देता हूँ।
एक राजा के दरबार मे तीन मंत्री थे। एक दिन राजा ने उन तीनों को
दरबार मे बूलाया। और तीनों को एक-एक थैला दे दिया। और आदेश दिया बाग मे जाकर ईस
थैले को फल से भरकर ले आओ। तीनो मंत्री थैला लेकर अलग अलग बाग मे ले गए।
पहले मंत्री ने सोचा की मुझे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। राजा तो
फल खाएगा नही। ईसलीए उसने फल कम और घास फूस ज्यादा थैले मे भर दी, ताकी थैला भरा
हूआ लगे।
दुसरे मंत्री ने सोचा राजा को फलों की क्या कमी, फल तो खाएगा नही।
ईसलीए ऊसने अच्छे बुरे फल से अपना थैला भर दीया।
तीसरे मंत्री ने सोचा राजा ने ऐसा काम बोला मतलब कुछ ना कुछ बात
होगी। कुछ भी हो मै सीर्फ अच्छे-अच्छे फल ही थैले मे भरूंगा। राजा खाये या ना खाये
कीसी ना कीसी के काम जरूर आऐंगे।
तीनो मंत्री अपने अपने थैले भरकर राजा के दरबार मे पहुंच गये। राजा
ने कीसी भी मंत्री के थैले को खोलकर नही देखा। और अपने सैनिकों को आदेश दिया कि,
" इन तीनों को एक महीने के लिए, ईन के फलों से भरे थैलों के साथ जेल मे बंद
कर दो"। राजा ने यह भी आदेश दिया कि कोई इन्हें खाना नही देगा। इनको खाने के
लिए थैले से भरे फलों का ही ईस्तेमाल करना होगा।
पहले मंत्री ने फल कम घास फूस ज्यादा भरी थी। ईसलीए वह कुछ दीनो
बाद भूख के कारण मर गया।
दुसरे मंत्री के थैले मे कुछ अच्छे और कुछ खराब फल थे। कुछ दिन बाद
मजबूरन खराब फल खाने की वजह से वह बीमार पड़ गया, और थोडे दिन मे बीमारी से मर गया।
तीसरे मंत्री के थैले मे अच्छे चूने हुए फल थे। जीन्हे खाकर उसने
आराम से एक महीना बीता दिया। (समाप्त)
दोस्त ये जिंदगी कब हमको कौनसा दिन दीखा दे, यह नही कहा जा सकता।
ईसलीए हम सब ने अपने जीवन रूपी थैले मे अच्छे और चूने हूए विचार ही रखने चाहिए यही
इस जिंदगी का सबक भी है और मतलब भी।
अपने लिए जियें तो क्या
जिएं, तू जी ऐ दिल ज़माने के लिए -
आइए आज हम जानते हैं
जिंदगी की परिभाषा के बारे में:-
1.
जिंदगी तेरी भी अजब परिभाषा है सवर गई तो जन्नत नहीं तो सिर्फ
तमाशा है।
2.
मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच समझकर मांगो क्योंकि मुसीबत कुछ
समय तक रहेगी लेकिन एहसान जिंदगी भर तक रहेगा।
3.
जिस घाव से खून नहीं निकलता समझ लेना वह घाव किसी अपने ने ही दिया
होता है।
4.
खोए हुए हम खुद हैं और ढूंढते भगवान को हैं।
5.
अहंकार दिखाकर रिश्ते तोड़ने से अच्छा है की माफी मांग कर रिश्ते
निभाए जाएं।
एक सपना टूटने के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को
ही ‘‘जिंदगी’’ कहते हैं।