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Friday, 21 March 2025

ज़िंदगी सही है!

जीवन एक यात्रा है इसलिए इसे जबरदस्ती नहीं जबरदस्त तरीके से तय करें! जिंदगी को आसान नहीं खुद को मजबूत बनाना पड़ता है, सही समय नहीं आता, समय को सही बनाना पड़ता है !

अपनी पसंद को जानने से बेहतर है की हम अपने आप को जाने ! अगर कोई इन्सान खुद ही खुश नहीं है तो वो दुसरो को कैसे खुश रख सकता है अपने आप को खुश रखने के लिये अपने आप पे समय बिताये और अपने आप को समझेतभी हम एक खुशहाल जिंदगी जी सकते है !

जीवन की हर हलचल को जिएं

ज़िंदगी एक धड़कन की तरह है—कभी तेज़, कभी धीमी। हर लम्हा हमें कुछ नया सिखाता है, कुछ नया दिखाता है। लेकिन अक्सर हम या तो अतीत के पछतावे में फंसे रहते हैं या भविष्य की चिंता में उलझे रहते हैं, और इसी में हम "आज" को जीना भूल जाते हैं।

1. हर अनुभव को खुलकर अपनाएँ

जीवन में सुख और दुख, सफलता और असफलता, मिलना और बिछड़ना—सब कुछ एक पैकेज डील की तरह आता है। अगर हम केवल खुशियों को चुनना चाहें और दुखों से भागें, तो हम अधूरी ज़िंदगी जी रहे हैं। इसलिए, हर हलचल को स्वीकारें और पूरी तरह महसूस करें।

2. हर पल में खुद को खोने दें

कभी बारिश में भीगकर देखें, कभी किसी बच्चे की हंसी में शामिल हों, कभी अकेले बैठकर अपनी ही सोच को महसूस करें। ज़िंदगी छोटे-छोटे पलों में छुपी होती है, उन्हें पूरी तरह जीने की आदत डालें।

3. बदलाव से डरें नहीं

ज़िंदगी कभी भी स्थिर नहीं रहती। हरदिन नया है, हर मोड़ नया है। अगर हम बदलाव को अपनाने से डरेंगे, तो ज़िंदगी के असली रंग हमें कभी दिखेंगे ही नहीं।

4. खुशियों को टालना बंद करें

हम अक्सर सोचते हैं—"जब मेरा ये काम पूरा होगा, तब मैं खुश रहूँगा। जब मुझे यह मिलेगा, तब मैं जीवन जिऊँगा।" लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक तरीका है जीने का। जो भी है, जैसा भी है—उसे पूरी तरह महसूस करें।

5. दर्द को भी महसूस करें

ज़िंदगी में सिर्फ हंसी नहीं, आँसू भी होते हैं। दर्द से भागने की जगह उसे भी अपनाएँ, क्योंकि वही हमें मजबूत बनाता है, हमें खुद से जोड़ता है।

अंत में:

जीवन की हर हलचल को जिएँ—हर हंसी, हर आंसू, हर धड़कन। क्योंकि यही हलचल हमें ज़िंदा होने का एहसास कराती है।


तो आज से, अभी से, पूरी तरह जीना शुरू करें!

माता के गर्भ से बाहर आने से शुरू हुआ सफ़र जो मौत के बाद शमशान में जाकर ख़त्म होता है, ये है जिन्दगी.

एक ऐसा सफ़र है जिन्दगी जिसमें न तो हम अपनी मर्ज़ी से आए हैं, न अपनी मन मर्ज़ी से जी रहे हैं और न ही अपनी मर्ज़ी से दुनिया छोड़ कर जाएँगे.

1.  समर्पण: जिंदगी का मतलब समर्पण है, अपने काम, संबंध और समय को समर्पित करना।

2.  सीखना: जिंदगी का मतलब सीखना है, नए अनुभवों से बढ़ना और अपने गलतियों से सीखना।

3.  संबंध: जिंदगी का मतलब संबंधों का महत्व समझना है, परिवार, मित्र, और समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करना।

4.  उद्दीपन: जिंदगी का मतलब अपने उद्दीपन और मकसद को खोजना है, और अपने जीवन को उन्नति की दिशा में आगे बढ़ाना।

5.  संतुष्टि: जिंदगी का मतलब संतुष्टि है, अपने वर्तमान में खुशहाली और संतुष्टि का अनुभव करना।

अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन को इस तरह से जीता है की वह खुद को

१. ईमानदार बनाये,

२. समयनिष्ठ बनाये,

३. मेहनती बनाये,

४. कर्त्तव्य निष्ठ बनाये,

५. निडर बनाये,

तो प्रत्येक व्यक्ति सफल हो सकता है और समाज के लिए आदर्श स्थापित कर सकता है। मुझे लगता है की न्यूनतम ये ५ बिंदु को पा लेना ही जीवन की सार्थकता है।

ज़िंदगी का मतलब यह क़तई नहीं होता है की आप कितने बड़े है या आपकी उम्र कितनी है बल्कि ज़िन्दगी का मतलब तो यह होता है की आप कितने सेन्सिटिव है, कितने मैनर्ड है और किसी भी बात को कितनी संजीदगी से रीऐक्ट करने की निपुणता रखते है।


अच्छी, खूशहाल जिंदगी अच्छे विचारों से ही मिल सकती है।

कुछ बाते जिन्हें अपनाकर आप अपनी ज़िन्दगी को पहले से बेहतर बना सकते है -

·         अपने आपसे प्यार करना सिख लीजिए, बिना किसी शर्त के।

·         अपने उन सभी इमोशंस को तुरंत अपने आप से दूर कर दीजिए जो आपको कुंठित करते है।

·         अपने आपके साथ कुछ समय बिताना सिख लीजिए।

·         अपनी अंदरूनी ताक़त को पहचानकर, तुरंत अपने आपको और बेहतर बनाने में जुट जाइए।

·         आप जैसे भी है, आप यूनीक है इसलिए किसी ओर से कंपेयर करना बंद कर दीजिए।

ज़िंदगी को आज तक कोई नहीं समझ पाया फिर भी बस यही कहूँगा ज़िन्दगी और कुछ भी नहीं … ये तो मौजों की रवानी है।

जीवन का सही अर्थ और लक्ष्य:

·         जीवन दुखी होने के लिए बहुत छोटा है। क्रोध, पछतावा, चिंता, और शिकायत में अपना समय बर्बाद मत करिये।

·         अपनी खुशी की जिम्मेदारी लें, इसे कभी दूसरे लोगों के हाथों में न डालें।

·         अपने सपनों का जीवन जियें। दूसरों की अपेक्षाओं और विचारों के बजाय अपनी दृष्टि और उद्देश्य के अनुसार अपने सपनों का जीवन जीने के लिए पर्याप्त बहादुरबनें।

·         परिवर्तन ही इस संसार का नियम है, किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं बल्कि उसे स्वीकार करें। कुछ परिवर्तन आपको सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगें।

·         अतीत संदर्भ का स्थान है, निवास का स्थान नहीं; अतीत सीखने का स्थान है, जीवन जीने का स्थान नहीं है।

·         कभी खुशहाल तो कही उदास होगी, कभी जीत तो कभी हार होगी। यह ज़िन्दगी एक सड़क की तरह है साहब धीरे धीरे ही पार होगी।

·         अपने दिल में विश्वास रखें कि आप जुनून, उद्देश्य, जादू और चमत्कार से भरा जीवन जीने के लिए हैं

·         ऐसे काम करें कि हर कोई दुआ दे! दुआओं का कोई रंग नहीं होता लेकिन जब ये रंग लाती है तो जिन्दगी रंगों से भर जाती है।

·         मुस्कुरायें क्या गम है, जिंदगी में टेंशन किसको कम है, अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है, जिंदगी का नाम ही… कभी खुशी कभी गम है।

·         जीवन में यही देखना महत्वपूर्ण नहीं कि कौन हमसे आगे है या कौन पीछे, यह भी देखना चाहिए कि कौन हमारे साथ है और हम किसके साथ….!!!

·         जो आपको मिला है सबसे पहले उसके लिए आभारी रहें। यदि आप आपके पास पहले से मौजूद चीज़ों के लिए आभारी नहीं हैं, तो क्या आपको लगता है कि आप कभी खुश रह पाएंगे।

·         गलतियां इंसान से ही होती हैं। यदि गलती इंसान से न हो तो क्या वो भगवान न हो जाये। सडक कितनी भी साफ क्यों न हो, लेकिन धूल हो ही जाती है, और इंसान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, भूल हो ही जाती है।

ईसका जवाब एक दिलचस्प कहानी से देता हूँ।

एक राजा के दरबार मे तीन मंत्री थे। एक दिन राजा ने उन तीनों को दरबार मे बूलाया। और तीनों को एक-एक थैला दे दिया। और आदेश दिया बाग मे जाकर ईस थैले को फल से भरकर ले आओ। तीनो मंत्री थैला लेकर अलग अलग बाग मे ले गए।

पहले मंत्री ने सोचा की मुझे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। राजा तो फल खाएगा नही। ईसलीए उसने फल कम और घास फूस ज्यादा थैले मे भर दी, ताकी थैला भरा हूआ लगे।

दुसरे मंत्री ने सोचा राजा को फलों की क्या कमी, फल तो खाएगा नही। ईसलीए ऊसने अच्छे बुरे फल से अपना थैला भर दीया।

तीसरे मंत्री ने सोचा राजा ने ऐसा काम बोला मतलब कुछ ना कुछ बात होगी। कुछ भी हो मै सीर्फ अच्छे-अच्छे फल ही थैले मे भरूंगा। राजा खाये या ना खाये कीसी ना कीसी के काम जरूर आऐंगे।

तीनो मंत्री अपने अपने थैले भरकर राजा के दरबार मे पहुंच गये। राजा ने कीसी भी मंत्री के थैले को खोलकर नही देखा। और अपने सैनिकों को आदेश दिया कि, " इन तीनों को एक महीने के लिए, ईन के फलों से भरे थैलों के साथ जेल मे बंद कर दो"। राजा ने यह भी आदेश दिया कि कोई इन्हें खाना नही देगा। इनको खाने के लिए थैले से भरे फलों का ही ईस्तेमाल करना होगा।

पहले मंत्री ने फल कम घास फूस ज्यादा भरी थी। ईसलीए वह कुछ दीनो बाद भूख के कारण मर गया।

दुसरे मंत्री के थैले मे कुछ अच्छे और कुछ खराब फल थे। कुछ दिन बाद मजबूरन खराब फल खाने की वजह से वह बीमार पड़ गया, और थोडे दिन मे बीमारी से मर गया।

तीसरे मंत्री के थैले मे अच्छे चूने हुए फल थे। जीन्हे खाकर उसने आराम से एक महीना बीता दिया। (समाप्त)

दोस्त ये जिंदगी कब हमको कौनसा दिन दीखा दे, यह नही कहा जा सकता। ईसलीए हम सब ने अपने जीवन रूपी थैले मे अच्छे और चूने हूए विचार ही रखने चाहिए यही इस जिंदगी का सबक भी है और मतलब भी।

अपने लिए जियें तो क्या जिएं, तू जी ऐ दिल ज़माने के लिए -

आइए आज हम जानते हैं जिंदगी की परिभाषा के बारे में:-

1.  जिंदगी तेरी भी अजब परिभाषा है सवर गई तो जन्नत नहीं तो सिर्फ तमाशा है।

2.  मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच समझकर मांगो क्योंकि मुसीबत कुछ समय तक रहेगी लेकिन एहसान जिंदगी भर तक रहेगा।

3.  जिस घाव से खून नहीं निकलता समझ लेना वह घाव किसी अपने ने ही दिया होता है।

4.  खोए हुए हम खुद हैं और ढूंढते भगवान को हैं।

5.  अहंकार दिखाकर रिश्ते तोड़ने से अच्छा है की माफी मांग कर रिश्ते निभाए जाएं।

एक सपना टूटने के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को ही ‘‘जिंदगी’’ कहते हैं।



Saturday, 8 March 2025

यौन रोग दूर करने के लिए शक्तिशाली वैदिक मंत्र

आप जिंदगी के हर पड़ाव को हसते हुए पार करे। आप केवल जीवन का आनंद लीजिये और हर अवस्था को खुशी खुशी स्वीकार कीजिये। इससे आपके जीवन में एक नया परिवर्तन देखने को मिलेगा। आप ऐसा क्या करे की जिससे आपका शरीर स्वस्थ, आकर्षक सुडोल और आभायुक्त बना रहे, चाहे वो जीवन की कोई भी अवस्था हो। तो चलिए इसके कुछ उपाय बताते है आपको


- एक तो आप नियमित रूप से प्राणायाम और योगासन करना आरम्भ कीजिये। खासकर आप अश्विनी मुद्रा और लिंग मुद्रा को अपने जीवन में नियमित करने की कोशिश करे। इसके बारे में जानकारी आपको इंटरनेट पर मिल जाएगी।

- दूसरा अपने दैनिक जीवन चर्या में बदलाव लाइए जैसे जल्दी सोना, सुबह जल्दी उठना, ज्यादा तले भुने, तीखे मसाले वाले भोजन की जगह शाकाहरी भोजन और दूध दही पनीर इन को अपने भोजन में शामिल कीजिये

- ज्यादा बाते करना (चाहे किसी और से या खुद से) अच्छा नहीं माना जाता है। रोज थोड़ा सा मौन रहने की कोशिश कीजिये।

- थोड़ा सा समय प्रकृति के बीच में बिताना शुरू करे। जैसे पार्क में टहले आदि।

 साहस सबसे बड़ी सबलता है।

सभी देव शक्तियां परमात्मा की ही शक्तियां हैं। आप उस परमात्मा की प्राप्ति के लिए सविता अर्थात उगते हुए स्वर्णिम सूर्य का ध्यान करते हुए गायत्री उपासना करें आप का कल्याण होगा

यौन रोग दूर करने के लिए शक्तिशाली वैदिक मंत्र 🔱🙏

यौन दुर्बलता (Sexual Weakness), नपुंसकता (Impotence), शीघ्रपतन (Premature Ejaculation), धातु दोष (Semen Leakage), और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ वैदिक और तांत्रिक मंत्र बहुत प्रभावी होते हैं। ये मंत्र शरीर की ऊर्जा को संतुलित कर वीर्य शक्ति, आत्मविश्वास, और मानसिक शांति बढ़ाने में मदद करते हैं।

रंभा आह्वाहन मंत्र

रंभे अगच्छ पूर्ण यौवन संस्तुते ।।

1. महामृत्युंजय मंत्र – शारीरिक और मानसिक शक्ति के लिए

🔹 मंत्र:
👉 ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

🔹असर:
शरीर की कमजोरी और रोगों को दूर करता है।
शरीर में ऊर्जा और वीर्यशक्ति को पुनः जाग्रत करता है।
मानसिक तनाव और चिंता को खत्म कर आत्मविश्वास बढ़ाता है।

🔹 जाप विधि:

  • रोज सुबह 108 बार जाप करें।
  • जल में इस मंत्र का जाप करके पीने से भी लाभ होगा।

2. कामदेव मंत्र – यौन शक्ति और आकर्षण बढ़ाने के लिए

🔹 मंत्र:
👉 ॐ क्लीं कामदेवाय नमः॥

🔹असर:
शीघ्रपतन, कमजोरी और यौन दुर्बलता को दूर करता है।
वीर्यशक्ति और प्राकृतिक आकर्षण को बढ़ाता है।
दांपत्य जीवन में आनंद और संतोष लाता है।

🔹 जाप विधि:

  • शुक्रवार को स्नान कर 108 बार जाप करें।
  • चंदन की माला से जाप करना अधिक प्रभावी होता है।

3. हनुमान बलशक्ति मंत्र – यौन ऊर्जा और पुरुषत्व बढ़ाने के लिए

🔹 मंत्र:
👉 ॐ हनुमते नमः॥

🔹असर:
शरीर में शक्ति, साहस और वीर्य बल को बढ़ाता है।
नपुंसकता और कमजोरी को दूर कर ऊर्जा प्रदान करता है।
मन को शांत कर आत्मविश्वास को बढ़ाता है।

🔹 जाप विधि:

  • मंगलवार और शनिवार को 21 या 108 बार जाप करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से और भी अधिक लाभ मिलेगा।

4. अश्विनी कुमार मंत्र – शीघ्रपतन और धातु दोष के लिए

🔹 मंत्र:
👉 ॐ अश्विनौ देवता विश्ववेदसे, वर्धतं पुष्टिं कृणोतं ममायुः॥

🔹असर:
वीर्यक्षय, शीघ्रपतन, और कमजोरी को दूर करता है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
आयु और स्वास्थ्य को सुधारता है।

🔹 जाप विधि:

  • सूर्योदय के समय 11 या 21 बार जाप करें।
  • शुद्ध देसी घी और मिश्री के साथ प्रसाद चढ़ाएँ।

5. गायत्री मंत्र – मानसिक और शारीरिक शुद्धता के लिए

🔹 मंत्र:
👉 ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

🔹असर:
शरीर और मन की नकारात्मकता और विषाक्तता को दूर करता है।
मानसिक तनाव, चिंता और आत्मविश्वास की कमी को खत्म करता है।
मन को शुद्ध और शक्तिशाली बनाता है।

🔹 जाप विधि:

  • सूर्योदय और सूर्यास्त के समय 108 बार जाप करें।
  • ध्यान के साथ करने से प्रभाव तेजी से बढ़ता है।

🚀 विशेष उपाय (Bonus Tips):

सात्विक आहार लें – हरी सब्जियाँ, दूध, मेवे, और देसी घी का सेवन करें।
शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों से बचें – ये वीर्यशक्ति को कमजोर करते हैं।
योग और प्राणायाम करें – भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, और कपालभाति करें।
रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें – शरीर का प्राकृतिक संतुलन बना रहेगा।
महत्वपूर्ण मंत्र को कम से कम 21 या 40 दिन तक नियमित जाप करें।

काम वासना (यौन शक्ति) बढ़ाने के लिए शक्तिशाली वैदिक मंत्र 🔥🙏

वेदों और तंत्र शास्त्रों में यौन शक्ति (कामशक्ति) को बढ़ाने और संतुलित करने के लिए कई मंत्र बताए गए हैं। ये मंत्र कामदेव, शुक्र ग्रह और ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) को सक्रिय करने में सहायक होते हैं, जिससे व्यक्ति की प्राकृतिक यौन क्षमता, आकर्षण और उत्साह बढ़ता है।

1. कामदेव मंत्र – यौन आकर्षण और ऊर्जा के लिए

👉 मंत्र:
ॐ क्लीं कामदेवाय फट् स्वाहा॥

🔹असर:
यौन शक्ति और आकर्षण बढ़ाने में सहायक।
शरीर में शुक्र धातु (वीर्य) को संतुलित और मजबूत करता है।
मानसिक तनाव और नपुंसकता को दूर करता है।

🔹 जाप विधि:

  • शुक्रवार की रात इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • कमल के फूल पर बैठकर ध्यान करें।
  • सफेद वस्त्र पहनकर और गुलाब की सुगंध का उपयोग करें।

2. शुक्र ग्रह मंत्र – यौन ऊर्जा और शक्ति के लिए

👉 मंत्र:
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥

🔹असर:
शुक्र ग्रह (कामशक्ति और प्रेम) को मजबूत करता है।
दांपत्य जीवन को सुखद बनाता है।
शीघ्रपतन, कमजोरी और अनैच्छिक वीर्य स्राव में लाभदायक।

🔹 जाप विधि:

  • शुक्रवार के दिन 108 बार जाप करें।
  • भोजन में दूध, मखाना, शहद और बादाम का सेवन करें।

3. रति-काम मंत्र – यौन संतुलन और आनंद के लिए

👉 मंत्र:
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वं रत्यै नमः॥

🔹असर:
शरीर में यौन ऊर्जा को संतुलित करता है।
अत्यधिक या कम यौन इच्छा को नियंत्रित करता है।
दांपत्य जीवन में प्रेम और आकर्षण बढ़ाता है।

🔹 जाप विधि:

  • रात को सोने से पहले 21 बार जाप करें।
  • सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

4. कामगायत्री मंत्र – यौन शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए

👉 मंत्र:
ॐ कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि। तन्नो अंनगः प्रचोदयात्॥

🔹असर:
यौन ऊर्जा और इच्छा को जाग्रत करता है।
आत्मविश्वास बढ़ाता है और शर्म को दूर करता है।
पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए प्रभावी।

🔹 जाप विधि:

  • स्नान के बाद 108 बार जाप करें।
  • सुगंधित धूप या इत्र का उपयोग करें।

5. कुंडलिनी शक्ति जागरण मंत्र – गुप्त ऊर्जा सक्रिय करने के लिए

👉 मंत्र:
ॐ ह्रीं क्लीं कुंडलिन्यै स्वाहा॥

🔹असर:
मूलाधार चक्र (यौन ऊर्जा केंद्र) को सक्रिय करता है।
शरीर में ऊर्जा प्रवाह को संतुलित करता है।
सेक्स ड्राइव को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है।

🔹 जाप विधि:

  • सुबह और रात को 21 बार जाप करें।
  • ध्यान और प्राणायाम के साथ करें।

📌 विशेष उपाय (Bonus Tips) for Sexual Energy & Stamina:

प्रतिदिन 30 मिनट योग और प्राणायाम करें (विशेष रूप से भस्त्रिका, अश्विनी मुद्रा, और मूलबंध)।
आहार में दूध, घी, केसर, छुहारा, शिलाजीत और सफेद मूसली शामिल करें।
संयम और संतुलन बनाए रखें – अत्यधिक भोग भी नुकसानदायक हो सकता है।
शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहनें और चंदन या इत्र का उपयोग करें।

🔥 निष्कर्ष:

यदि आप यौन शक्ति और आकर्षण बढ़ाना चाहते हैं, तो कामदेव मंत्र, शुक्र मंत्र और कुंडलिनी शक्ति मंत्र का जाप करें। साथ ही, योग, सही आहार और संयम का पालन करने से इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।

पुरुष बल (शारीरिक और मानसिक शक्ति) प्राप्त करने के लिए वैदिक मंत्र 💪🕉️

पुरुष शक्ति का अर्थ केवल शारीरिक बल ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास, वीर्य शक्ति, और जीवन ऊर्जा भी होता है। वैदिक ग्रंथों में बल, पराक्रम और ओजस को बढ़ाने के लिए कई मंत्र बताए गए हैं, जो शरीर को मजबूत, ऊर्जावान और शक्तिशाली बनाते हैं।